Meaning of

रूह-ओ-जिस्म

rooh-o-jism • روح و جسم

आत्मा और शरीर; सार और रूप

soul and body; essence and form

روح اور جسم; جوہر اور شکل

Arabic

‘रूह-ओ-जिस्म’ वाक्यांश अस्तित्व की द्वैतता को दर्शाता है, जहाँ आत्मा शाश्वत, अमूर्त सार का प्रतीक है और शरीर अस्थायी, भौतिक रूप का। कविता में, इस द्वैतता का उपयोग अक्सर आध्यात्मिक और भौतिक, शाश्वत और क्षणिक के बीच के तनाव को व्यक्त करने के लिए किया जाता है।

कवियों द्वारा 'रूह-ओ-जिस्म' का उपयोग अक्सर प्रेम के विषयों की खोज के लिए किया जाता है, जहाँ आत्मा भौतिक सीमाओं से परे मिलन की तलाश करती है। इसका उपयोग सांसारिक इच्छाओं और आध्यात्मिक आकांक्षाओं के बीच संघर्ष को दर्शाने के लिए भी किया जाता है।

रूह और जिस्म के नृत्य में, कविता अपनी शाश्वत लय पाती है। यह वाक्यांश मानवीय लालसा और अतिक्रमण की खोज के सार को पकड़ता है।