Meaning of

रोज़-ए-हिज्राँ

roz-e-hijraan • روز ہجراں

वियोग का दिन; तड़प का समय

day of separation; time of longing

جدائی کا دن; تڑپ کا وقت

Persian

यह वाक्यांश उस गहरे दुःख और तड़प को व्यक्त करता है जो प्रिय से वियोग के समय महसूस होता है। कविता में, यह वियोग की भावना और प्रेम की अनुपस्थिति में अनंत लगने वाले समय को पकड़ता है।

कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग प्रेम और हानि के विषयों को खोजने के लिए करते हैं। यह वियोग से छोड़े गए भावनात्मक शून्य का रूपक है। मिलन के क्षणों के साथ इसका विरोध मानव भावना की गहराई को उजागर करता है।

कविता के ताने-बाने में, 'रोज़-ए-हिज्राँ' उदासी और तड़प का धागा है, जो मानव अनुभव के कपड़े में बुना हुआ है।