Meaning of

रोज़-ए-हिसाब

roz-e-hisaab • روز حساب

प्रलय का दिन; हिसाब का दिन

Day of Judgment; reckoning day

قیامت کا دن; حساب کا دن

Persian

रोज़-ए-हिसाब न्याय की गंभीरता और अनिवार्यता को जगाता है। यह अंतिमता और किसी के कर्मों के अंतिम हिसाब का एहसास कराता है। कविता में, यह अक्सर जीवन के नैतिक और अस्तित्वगत चिंतन का प्रतीक है।

कवि रोज़-ए-हिसाब का उपयोग नैतिकता और भाग्य के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह जवाबदेही और अंतिम सत्य की याद दिलाता है जो प्रतीक्षा कर रहे हैं।

रोज़-ए-हिसाब जीवन के अंतिम प्रश्नों पर चिंतन के लिए आमंत्रित करता है। यह हमारे यात्रा को मार्गदर्शित करने वाले नैतिक कम्पास की गंभीर याद दिलाता है।