Meaning of
रोज़-ए-मुकाफ़ात
roz-e-muqaafaat • روز مکافات
Hindi
प्रतिशोध का दिन; न्याय का दिन
English
day of retribution; day of judgment
Urdu
بدلے کا دن; فیصلے کا دن
Origin
Arabic
Nuance
'रोज़-ए-मुकाफ़ात' मूल रूप से एक ऐसे दिन का संकेत देता है जब न्याय किया जाता है और कर्मों का हिसाब होता है। यह एक ऐसा शब्द है जो नैतिक गणना की भावना को जागृत करता है, जहाँ हर कर्म को तौला और संतुलित किया जाता है। कविता में, इस शब्द का उपयोग न्याय, नैतिकता और किसी के कार्यों के अपरिहार्य परिणामों के विषयों की खोज के लिए किया गया है, अक्सर सही और गलत के ब्रह्मांडीय संतुलन पर विचार करते हुए।
Poetic Usage
कवि 'रोज़-ए-मुकाफ़ात' का उपयोग न्याय और नैतिक परिणामों के विषयों में गहराई से जाने के लिए करते हैं। इसे अक्सर भाग्य की निष्पक्षता और मानव कार्यों के अंतिम निर्णय पर सवाल उठाने के लिए उपयोग किया जाता है। यह शब्द शक्ति की क्षणिक प्रकृति और सत्य की स्थायी प्रकृति की याद दिलाने के रूप में भी काम कर सकता है।
Closing Insight
न्याय और परिणाम के संतुलन में, 'रोज़-ए-मुकाफ़ात' सत्य की स्थायी खोज का प्रमाण है। यह एक ऐसा शब्द है जो ब्रह्मांड की नैतिक धड़कन को प्रतिध्वनित करता है।