Meaning of

रोज़-ए-विसाल

roz-e-visaal • روز وصال

मिलन का दिन; भेंट का दिन

day of union; day of meeting

ملن کا دن; ملاقات کا دن

Persian

रोज़-ए-विसाल उस प्रतीक्षा और आनंद को जगाता है जो प्रिय के साथ मिलन के क्षण से जुड़ा होता है। कविता में, यह अक्सर लालसा की पराकाष्ठा और इच्छाओं की पूर्ति का प्रतीक होता है।

कवि रोज़-ए-विसाल का उपयोग उस आनंदमय क्षण को चित्रित करने के लिए करते हैं जब प्रेमी अंततः मिलते हैं। यह वियोग के दर्द के विपरीत है, पुनर्मिलन की मिठास को उजागर करता है।

रोज़-ए-विसाल लालसा की पूर्ति का सार समेटे हुए है, जो प्रेम कविता के ताने-बाने में एक प्रिय विषय है।