Meaning of
रोज़-ए-वस्ल
roz-e-wasl • روز وصل
Hindi
मिलन का दिन; साथ होने का क्षण
English
day of union; moment of togetherness
Urdu
وصل کا دن; ساتھ ہونے کا لمحہ
Origin
Persian
Nuance
यह वाक्यांश मिलन में पाई जाने वाली खुशी और संतोष को दर्शाता है, चाहे वह प्रिय के साथ हो या आध्यात्मिक संबंध के साथ। यह लालसा के समापन और साथ होने के आनंद को व्यक्त करता है।
Poetic Usage
कवि इसका उपयोग पुनर्मिलन की खुशी का जश्न मनाने के लिए करते हैं। यह अलगाव के अंत और एक सामंजस्यपूर्ण अस्तित्व की शुरुआत का प्रतीक है।
Closing Insight
कविता में, 'रोज़-ए-वस्ल' एकता का सार और साथ आने की खुशी को पकड़ता है।