Meaning of

रुख़-ए-आतिशीं

rukh-e-aatishi • رخ آتشیں

आग जैसा चेहरा; भावुक चेहरा

fiery face; passionate visage

آتش جیسا چہرہ; جذباتی چہرہ

Persian

रुख़-ए-आतिशीं एक ऐसे चेहरे की छवि प्रस्तुत करता है जो तीव्रता और जुनून से जलता है। कविता में, यह अक्सर एक ऐसे व्यक्ति का प्रतीक होता है जिसकी भावनाएँ इतनी जीवंत और तीव्र होती हैं कि वे गर्मी का संचार करती हैं। यह आग जैसा चेहरा प्रेम और क्रोध दोनों का प्रतिनिधित्व कर सकता है, जो मानवीय भावनाओं की द्वैतता को पकड़ता है।

कवि 'रुख़-ए-आतिशीं' का उपयोग उन पात्रों का वर्णन करने के लिए करते हैं जिनकी उपस्थिति भारी और सब कुछ निगलने वाली होती है। इसका उपयोग एक प्रेमी का चित्रण करने के लिए किया जा सकता है जिसका जुनून सब कुछ निगलने वाला होता है या एक प्रतिद्वंद्वी का जिसका क्रोध तीव्र और अडिग होता है।

कविता की दुनिया में, 'रुख़-ए-आतिशीं' उग्र भावनाओं के सार को पकड़ता है, पाठक की कल्पना पर एक अमिट छाप छोड़ता है।