Meaning of

रुख़-ए-अफ़्शाँ

rukh-e-afshaan • رخ افشاں

दीप्तिमान चेहरा; चमकता हुआ मुख

radiant face; glowing visage

روشن چہرہ; چمکتا ہوا چہرہ

Persian

मूल रूप से, 'रुख़-ए-अफ़्शाँ' एक ऐसे चेहरे का वर्णन करता है जो प्रकाश और सुंदरता का विकिरण करता है, जो अक्सर पवित्रता और दिव्य अनुग्रह का प्रतीक होता है। कविता में, यह एक अलौकिक उपस्थिति की छवियों को उकसाता है, एक ऐसा मुख जो मोहित और मंत्रमुग्ध करता है।

कवि 'रुख़-ए-अफ़्शाँ' का उपयोग एक प्रिय के चेहरे को चित्रित करने के लिए करते हैं जो एक आंतरिक प्रकाश से चमकता है। यह भोर या एक रहस्योद्घाटन के क्षण का भी प्रतिनिधित्व कर सकता है।

अपने काव्यात्मक सार में, 'रुख़-ए-अफ़्शाँ' एक ऐसे चेहरे के आकर्षण को पकड़ता है जो प्रकाश का स्रोत और आंतरिक सुंदरता का प्रतिबिंब दोनों है।