Meaning of

रुख़-ए-दिलदार

rukh-e-dildaar • رخ دلدار

प्रिय का चेहरा; प्रियतम का मुखड़ा

face of the beloved; visage of the adored

محبوب کا چہرہ; دلدار کا رخ

Persian

यह वाक्यांश प्रिय के चेहरे की छवि को उभारता है, जिसे अक्सर प्रकाश और प्रेरणा का स्रोत माना जाता है। कविता में, यह सौंदर्य, लालसा और दिव्यता का प्रतीक बन जाता है।

कवियों द्वारा इसका उपयोग अक्सर प्रिय की आकर्षण और चुंबकत्व को व्यक्त करने के लिए किया जाता है। यह सौंदर्य या दिव्यता की अंतिम खोज का संकेत दे सकता है। चेहरा कवि की अंतरतम इच्छाओं को प्रतिबिंबित करने वाला दर्पण बन जाता है।

प्रिय के चेहरे में, कवियों को एक शाश्वत प्रेरणा मिलती है, जो उनकी आत्मा की लालसा का प्रतिबिंब होती है।