Meaning of

रुख़-ए-जमील

rukh-e-jameel • رخ جمیل

सुंदर चेहरा; मोहक मुखड़ा

beautiful face; charming visage

خوبصورت چہرہ; دلکش صورت

Arabic

मूल रूप से, 'रुख़-ए-जमील' एक ऐसे चेहरे को संदर्भित करता है जो अपनी सुंदरता और आकर्षण से मोहित करता है। कविता में, यह अभिव्यक्ति अक्सर प्रिय की मोहकता और आकर्षण को उजागर करती है, जिसका चेहरा प्रेरणा और लालसा का स्रोत होता है।

'रुख़-ए-जमील' का उपयोग कवि अक्सर प्रिय की मोहक सुंदरता का वर्णन करने के लिए करते हैं। यह आदर्शीकृत सुंदरता का रूपक है जो साधारण से परे है। यह वाक्यांश एक ही नज़र के भावनात्मक प्रभाव को भी उजागर कर सकता है।

कविता में, 'रुख़-ए-जमील' अप्राप्य सुंदरता का प्रतीक बन जाता है, एक प्रेरणा जो अनंत छंदों को प्रेरित करती है।