Meaning of

रुख़-ए-नाज़ुक

rukh-e-naazuk • رخ نازک

नाज़ुक चेहरा; कोमल मुख

delicate face; tender visage

نازک چہرہ; نرم رخسار

Persian

यह वाक्यांश एक ऐसे चेहरे की छवि प्रस्तुत करता है जो इतना नाज़ुक और कोमल है कि वह लगभग अलौकिक प्रतीत होता है। कविता में, यह नाज़ुकता अक्सर भंगुरता और सुंदरता का रूपक होती है, जो मानवीय भावनाओं की नाजुकता को दर्शाती है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग प्रिय की क्षणभंगुर सुंदरता को उजागर करने के लिए करते हैं। यह अक्सर कठोर तत्वों के विपरीत होता है, जिससे चेहरे की पवित्रता और मासूमियत पर जोर दिया जाता है।

'रुख़-ए-नाज़ुक' अपनी कोमल प्रस्तुति में सुंदरता और भंगुरता के बीच नाज़ुक संतुलन का प्रतीक बन जाता है।