Meaning of
रुख़-ए-निगार
rukh-e-nigaar • رخ نگار
Hindi
प्रिय का चेहरा; सुंदरता का मुखड़ा
English
face of the beloved; visage of beauty
Urdu
محبوب کا چہرہ; حسن کا چہرہ
Origin
Persian
Nuance
यह वाक्यांश प्रिय के चेहरे की छवि को जागृत करता है, जिसे अक्सर कविता में सुंदरता और अनुग्रह के प्रतीक के रूप में आदर्शित किया जाता है। यह प्रिय के चेहरे की आकर्षण और रहस्य को पकड़ता है।
Poetic Usage
कवि अक्सर 'रुख़-ए-निगार' का उपयोग प्रिय की सुंदरता और रहस्य का जश्न मनाने के लिए करते हैं। यह प्रेमी द्वारा महसूस की गई लालसा और प्रशंसा को भी दर्शा सकता है।
Closing Insight
कविता की दुनिया में, 'रुख़-ए-निगार' सुंदरता और इच्छा का एक शाश्वत प्रतीक बना रहता है।