Meaning of
रुख़-ए-रश्क-ए-माह
rukh-e-rashk-e-maah • رخ رشک ماہ
Hindi
चाँद से ईर्ष्या करने योग्य चेहरा; अनुपम सुंदरता
English
face envied by the moon; unparalleled beauty
Urdu
چاند سے رشک کرنے والا چہرہ; بے مثال حسن
Origin
Persian
Ash'aar
Nuance
यह वाक्यांश एक ऐसे चेहरे की छवि प्रस्तुत करता है जो इतना सुंदर है कि चाँद, जो स्वयं सुंदरता और चमक का प्रतीक है, भी ईर्ष्या करता है। कविता में, यह केवल शारीरिक सुंदरता के बारे में नहीं है, बल्कि उस आकर्षण और मोह के बारे में है जो आत्मा को मंत्रमुग्ध कर देता है।
Poetic Usage
कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग प्रिय की सुंदरता का वर्णन करने के लिए करते हैं, इसे आकाशीय स्तर तक उठाते हैं। यह सांसारिक सुंदरता के विपरीत है, एक दिव्य या अलौकिक आकर्षण का सुझाव देता है।
Closing Insight
कविता में, 'रुख़-ए-रश्क-ए-माह' एक रूपक बन जाता है जो पारलौकिक सुंदरता का प्रतीक है। यह पाठक को एक ऐसे चेहरे की कल्पना करने के लिए आमंत्रित करता है जो सांसारिक तुलना को चुनौती देता है।
