Meaning of

रुख़-ए-शाम

rukh-e-shaam • رخ شام

शाम का चेहरा; संध्या

evening face; dusk

شام کا چہرہ; شام

Persian

रुख़-ए-शाम संध्या के शांत और विचारशील मूड को दर्शाता है। यह दिन से रात में परिवर्तन को पकड़ता है, एक ऐसा समय जो चिंतन और आत्मनिरीक्षण का होता है, जहाँ दुनिया गोधूलि की कोमल बाहों में ठहरती सी लगती है।

कवि अक्सर इसका उपयोग शाम की सुंदरता और उदासी को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह यात्रा के अंत या जीवन की क्षणभंगुरता की शांत स्वीकृति का प्रतीक हो सकता है, अक्सर दिन की जीवंतता के विपरीत।

रुख़-ए-शाम दिन के अंत की कोमल याद दिलाता है, जो चिंतन और शांति का निमंत्रण देता है।