Meaning of

रुख़-ए-तस्वीर-ए-दोस्त

rukh-e-tasveer-e-dost • رخ تصویر دوست

मित्र की तस्वीर का चेहरा; प्रिय की छवि का मुख

face of the friend's picture; visage of a beloved's image

دوست کی تصویر کا چہرہ; محبوب کی تصویر کا رخ

Persian

रुख़-ए-तस्वीर-ए-दोस्त एक लालसा और स्मृति का भाव उत्पन्न करता है। यह वह चेहरा है जिसे देखने की लालसा होती है, एक छवि में कैद जो यादों और भावनाओं को संजोए हुए है। यह वाक्यांश एक ऐसे संबंध का संकेत देता है जो भौतिक उपस्थिति से परे है, एक ऐसा बंधन जो दिल में गहराई से महसूस होता है।

कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग वियोग के दर्द और यादों में मिलने वाले सांत्वना को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह प्रिय की आदर्शीकृत छवि का प्रतीक भी हो सकता है, जो अनुपस्थिति में संजोई जाती है।

रुख़-ए-तस्वीर-ए-दोस्त स्मृति और प्रेम की स्थायी शक्ति को पकड़ता है।