Meaning of

रुख़-ए-यूसुफ़

rukh-e-yoosuf • رخ یوسف

यूसुफ़ का चेहरा; सुंदरता; आकर्षण

face of Joseph; beauty; charm

یوسف کا چہرہ; خوبصورتی; دلکشی

Arabic

‘रुख़-ए-यूसुफ़’ मुहावरा पैग़ंबर यूसुफ़ की प्रसिद्ध सुंदरता को याद दिलाता है, जिनका चेहरा दिव्य आकर्षण का प्रतीक माना जाता है। कविता में, यह अभिव्यक्ति उस आकर्षण और गरिमा को दर्शाती है जो साधारण सुंदरता से परे है, एक ऐसा चेहरा जो मोह लेता है और मंत्रमुग्ध करता है।

कवि अक्सर ‘रुख़-ए-यूसुफ़’ का उपयोग अद्वितीय सुंदरता का वर्णन करने के लिए करते हैं। इसे प्रिय के चेहरे की तुलना यूसुफ़ से करने के लिए प्रयोग किया जाता है, जो अलौकिक आकर्षण का संकेत देता है। यह वाक्यांश मासूमियत और पवित्रता का भी संकेत दे सकता है, जो सांसारिक अपूर्णताओं के विपरीत है।

रुख़-ए-यूसुफ़ उस शाश्वत आकर्षण को समेटे हुए है जो सांसारिकता से परे है। यह एक काव्यात्मक दर्पण है जो पृथ्वी में दिव्यता को दर्शाता है।