Meaning of

रुख़-ए-ज़र्द

rukh-e-zard • رخ زرد

पीला चेहरा; म्लान रंग

pale face; wan complexion

زرد چہرہ; ماند رنگت

Persian

'रुख़-ए-ज़र्द' वाक्यांश एक ऐसे चेहरे की छवि प्रस्तुत करता है जो रंगहीन हो गया है, अक्सर बीमारी, भय, या गहरे दुःख का प्रतीक होता है। कविता में, यह उन भावनात्मक अवस्थाओं को दर्शाता है जो व्यक्ति को स्पष्ट रूप से बदल देती हैं, मानव भावनाओं की नाजुकता को पकड़ती हैं।

कवि अक्सर 'रुख़-ए-ज़र्द' का उपयोग निराशा या लालसा की अवस्थाओं में पात्रों को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह समय और अनुभव के चेहरे पर प्रभाव को भी दर्शा सकता है, जो युवावस्था की जीवंतता के विपरीत होता है।

'रुख़-ए-ज़र्द' अपनी काव्यात्मक गहराई में मानव चेहरे पर अंकित मौन कहानियों को प्रकट करता है, सहानुभूति और चिंतन के लिए आमंत्रित करता है।