Meaning of

रुख़्सार-ओ-ज़क़न

rukhsaar-o-zakkan • رخسار و ذقن

गाल और ठोड़ी; चेहरे की सुंदरता

cheeks and chin; facial beauty

رخسار اور ٹھوڑی; چہرے کی خوبصورتی

Persian

रुख़्सार-ओ-ज़क़न चेहरे की विशेषताओं के आकर्षण और मोहकता को उजागर करता है, अक्सर प्रिय के चेहरे की सुंदरता और गरिमा पर ध्यान केंद्रित करता है। यह नाज़ुक सुंदरता और उन अंतरंग विवरणों की छवि को जागृत करता है जो दिल को मोह लेते हैं।

कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग प्रिय की सुंदरता का वर्णन करने के लिए करते हैं। इसका उपयोग प्रशंसा और लालसा को जागृत करने के लिए किया जाता है। यह वाक्यांश प्रेम के अंतरंग और प्रिय पहलुओं को भी उजागर कर सकता है।

रुख़्सार-ओ-ज़क़न उस अंतरंग सुंदरता को पकड़ता है जो प्रिय के चेहरे में निवास करती है।