Meaning of
रुकू-ओ-सुजूद
rukoo-o-sujood • رکوع و سجود
Hindi
झुकना; सिजदा
English
bowing; prostration
Urdu
جھکنا; سجدہ
Origin
Arabic
Nuance
'रुकू-ओ-सुजूद' मूल रूप से प्रार्थना में झुकने और सिजदे के भौतिक कृत्यों को संदर्भित करता है, जो दिव्यता के समक्ष समर्पण और विनम्रता का प्रतीक है। कविता ने इन क्रियाओं को समर्पण, भक्ति और आत्मा की आध्यात्मिक जुड़ाव की लालसा के रूप में अपनाया है।
Poetic Usage
कवि अक्सर 'रुकू-ओ-सुजूद' का उपयोग आध्यात्मिक भक्ति की छवियों को उभारने के लिए करते हैं। यह भौतिक क्रिया को आत्मा की आंतरिक यात्रा के साथ विपरीत करता है। यह प्रेम या दिव्य इच्छा के प्रति हृदय के समर्पण का रूपक है।
Closing Insight
कविता में, 'रुकू-ओ-सुजूद' अपने अनुष्ठानिक मूल को पार कर, आंतरिक भक्ति और समर्पण का गहरा प्रतीक बन जाता है।