Meaning of
रुसवा-ए-बज़्म-ए-जहाँ
ruswa-e-bazm-e-jahaan • رسوا بزم جہاں
Hindi
दुनिया की सभा में अपमानित; सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा
English
disgraced in the gathering of the world; publicly shamed
Urdu
دنیا کی محفل میں رسوا; عوامی طور پر شرمندہ
Origin
Persian
Nuance
रुसवा-ए-बज़्म-ए-जहाँ सार्वजनिक अपमान की गहरी भावना को पकड़ता है, समाज की नज़रों में सम्मान से गिरने का अनुभव। कविता में, यह अक्सर खोए हुए सम्मान के दर्द और मुक्ति के संघर्ष को दर्शाता है।
Poetic Usage
कवि रुसवा-ए-बज़्म-ए-जहाँ का उपयोग शर्म और मुक्ति के विषयों में गहराई से जाने के लिए करते हैं। यह सामाजिक निर्णय और व्यक्तिगत गरिमा की खोज की एक मार्मिक याद दिलाता है। यह वाक्यांश भेद्यता और दृढ़ता की भावना को उभारता है।
Closing Insight
रुसवा-ए-बज़्म-ए-जहाँ सार्वजनिक तिरस्कार के सामने मानव आत्मा की दृढ़ता की क्षमता का प्रमाण है। यह गरिमा की स्थायी खोज की बात करता है।