Meaning of

सदक़ा

sadqa • صدقہ

दान; भिक्षा; अर्पण

charity; alms; offering

خیرات; صدقہ; نذر

Arabic

ज़ुल्म माशूक़ा के सहो हँस कर
इश्क़ का सदक़ा और ज़कात है ये

1

Download Image

गुलाब चाँदनी-रातों पे वार आए हम
तुम्हारे होंटों का सदक़ा उतार आए हम

49

Download Image

तुम ईदी में मुझ को इतना दे देना
मेरे गालों पे तुम बोसा दे देना

जब पहनोगी तुम ईद का नया जोड़ा
तुम मेरी जाँ अपना सदक़ा दे देना

9

Download Image

तुम को हमारी याद का सदक़ा नहीं रहा
तब से हमारा हाल भी अच्छा नहीं रहा

3

Download Image

मैं अपनी जान हथेली पे ले के आया हूँ
किसी की जान का सदक़ा निकालना है मुझे

2

Download Image

किए थे पाप जितने भी बुरे सदक़ा उतारा था
हज़ारों मुश्किलों की जद में रिश्ता हमारा था

गिरे थे भाव सोंनें और चाँदी के मिनट भर में
उसनें जब भरी बाज़ार में झुमका उतारा था

2

Download Image

अपनी जाँ की हिफाज़त भी ख़ुद करते हैं
अब फ़क़ीरों को सदक़ा नहीं देते लोग

2

Download Image

कभी कहीं जो मिलो तो तुम पे मैं सारा ग़ुस्सा उतार लूँगा
तुम्हारे माथे को चूम कर मैं तुम्हारा सदक़ा उतार लूँगा

उदास लम्हों में मैं कभी भी तुम्हें अकेला न रहने दूँगा
मैं अपनी ज़ुल्फ़ें बिगाड़ लूँगा मैं अपना चेहरा उतार लूँगा

2

Download Image

इश्क़ का है ज़कात और सदका
ज़ुल्म हँस के सहो सनम के तुम

1

Download Image

ख़ुदा महफ़ूज़ रक्खे हर बला से
तेरी आँखों का सदक़ा दे रहा हूँ

1

Download Image

ज़ुल्म माशूक़ा के सहो हँस कर
इश्क़ का सदक़ा और ज़कात है ये

1

Download Image

गुलाब चाँदनी-रातों पे वार आए हम
तुम्हारे होंटों का सदक़ा उतार आए हम

49

Download Image

'सदक़ा' मूल रूप से दान देने की क्रिया को दर्शाता है, जो निस्वार्थता और करुणा का प्रतीक है। कविता में, यह हृदय की पवित्रता और बलिदान की महानता का प्रतीक बन जाता है, जो केवल भौतिक दान से आगे बढ़कर आध्यात्मिक उदारता को दर्शाता है।

कवि अक्सर 'सदक़ा' का उपयोग निस्वार्थता और आध्यात्मिक पवित्रता के विषयों को उजागर करने के लिए करते हैं। यह अंतिम बलिदान या गहरी, बिना शर्त प्रेम का प्रतिनिधित्व कर सकता है। यह शब्द भौतिक संपत्ति के विपरीत, आत्मा की समृद्धि को उजागर करता है।

'सदक़ा' अपनी काव्यात्मक सार में, देने की क्रिया से परे जाकर, मानव आत्मा की पवित्रता और गहराई का रूपक बन जाता है।