Meaning of

सफ़र-ए-ज़िंदगानी

safar-e-zindagaani • سفر زندگی

जीवन की यात्रा; जीवन का सफर

journey of life; life's voyage

زندگی کا سفر; حیات کا سفر

Persian

कहो यार 'कालिख़' कि क्या ही करोगे
मुसलसल करेंगे सफ़र ज़िंदगी भर

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सफ़र-ए-ज़िंदगी में फिर यही इक मोड़ आता है
बदल जाते है सब अपने ये जग दामन छुड़ाता है

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हम सफ़र ज़िन्दगी के बहुत थे, मगर
इक तुम्हारा बिछड़ना मुझे याद है

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सफ़र ज़िन्दगी का न हो जाए पूरा
यूँँ करते हैं मंज़िल को ही भूल जाएँ

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भटकते हुए दर-ब-दर ज़िंदगी
करे ज़िंदगी भर सफ़र ज़िंदगी

हैं लाखों ठिकाने मगर जाने क्यूँ
चुने मौत को अपना घर ज़िंदगी

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दिल-ओ-जान की ख़ूब बाज़ी लगाई
बढ़ाते रहे हार कर ज़िंदगी भर

ख़ुदा और कितना रहूँ मैं परेशाँ
क़यामत रही हम सफ़र ज़िंदगी भर

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ये शे'र बाद-ए-शजर तुर्बत-ए-शजर पे लिखो
सफ़र सफ़र में सफ़र ज़िंदगी का ख़त्म हुआ

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कहो यार 'कालिख़' कि क्या ही करोगे
मुसलसल करेंगे सफ़र ज़िंदगी भर

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सफ़र-ए-ज़िंदगी में फिर यही इक मोड़ आता है
बदल जाते है सब अपने ये जग दामन छुड़ाता है

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सफ़र-ए-ज़िंदगानी जीवन की यात्रा का सार पकड़ता है, जो परीक्षाओं और विजय से भरी होती है। कविता में, यह समय के प्रवाह और उन अनुभवों को दर्शाता है जो किसी के अस्तित्व को आकार देते हैं। यह स्मृति और सपनों के परिदृश्यों के माध्यम से एक पथ के चित्रण को दर्शाता है।

कवि 'सफ़र-ए-ज़िंदगानी' का उपयोग विकास और परिवर्तन के विषयों को खोजने के लिए करते हैं। यह मासूमियत से बुद्धिमत्ता तक की यात्रा का प्रतीक हो सकता है। यह शब्द स्थिरता के विपरीत है, जीवन के गतिशील प्रवाह को उजागर करता है।

'सफ़र-ए-ज़िंदगानी' के खुलने में, कविता जीवन के शाश्वत नृत्य की लय पाती है।