Meaning of

समा

samaa • سما

सभा; जमावड़ा; संगीत सभा

gathering; assembly; musical gathering

محفل; اجتماع; موسیقی کی محفل

Arabic

अपना रिश्ता ज़मीं से ही रक्खो
कुछ नहीं आसमान में रक्खा

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परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है
ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है

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यूँँ जो तकता है आसमान को तू
कोई रहता है आसमान में क्या

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उस के चेहरे की चमक के सामने सादा लगा
आसमाँ पे चाँद पूरा था मगर आधा लगा

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अपने सामान को बाँधे हुए इस सोच में हूँ
जो कहीं के नहीं रहते वो कहाँ जाते हैं

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मेरे हुजरे में नहीं और कहीं पर रख दो
आसमाँ लाए हो ले आओ ज़मीं पर रख दो

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वाक़िफ़ कहाँ ज़माना हमारी उड़ान से
वो और थे जो हार गए आसमान से

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निगाहों के तक़ाज़े चैन से मरने नहीं देते
यहाँ मंज़र ही ऐसे हैं कि दिल भरने नहीं देते

हमीं उन से उमीदें आसमाँ छूने की करते हैं
हमीं बच्चों को अपने फ़ैसले करने नहीं देते

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आसमाँ इतनी बुलंदी पे जो इतराता है
भूल जाता है ज़मीं से ही नज़र आता है

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तू शाहीं है परवाज़ है काम तेरा
तेरे सामने आसमाँ और भी हैं

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अपना रिश्ता ज़मीं से ही रक्खो
कुछ नहीं आसमान में रक्खा

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परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है
ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है

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समा शब्द संगीत और आध्यात्मिक जुड़ाव से भरी सभा की छवियों को उकेरता है। यह एक ऐसा स्थान है जहां आत्माएं एकजुट होती हैं, धुन और ताल के माध्यम से सांसारिकता से परे जाती हैं। कविता में, यह सामंजस्य और सामूहिक मानव अनुभव का प्रतीक है।

कवि 'समा' का उपयोग सामूहिक अनुभवों की सुंदरता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर एकांत के विपरीत होता है, साझा क्षणों में मिलने वाली खुशी को उजागर करता है। यह शब्द स्वयं जीवन की लय के साथ गूंजता है।

समा एकता की धुन है, सामंजस्य में गुथी आत्माओं का काव्यात्मक नृत्य।