Meaning of

सयाह

sayaah • سیاہ

काला; अंधकारमय

black; dark

کالا; تاریک

Arabic

माज़ी इक लंबी सियाह परछाई है
मुस्तकबिल में दूर तलक तन्हाई है

8

Download Image

सियाह रात नहीं लेती नाम ढलने का
यही तो वक़्त है सूरज तिरे निकलने का

66

Download Image

मेरे जुनूँ का नतीजा ज़रूर निकलेगा
इसी सियाह समुंदर से नूर निकलेगा

43

Download Image

सियाह रात की सरहद के पार ले गया है
अजीब ख़्वाब था आँखें उतार ले गया है

है अब जो ख़ल्क़ में मजनूँ के नाम से मशहूर
वो मेरी ज़ात से वहशत उधार ले गया है

33

Download Image

सुतून-ए-दार पे रखते चलो सरों के चराग़
जहाँ तलक ये सितम की सियाह रात चले

19

Download Image

मान जाती मुस्कुराहट से ही मैं
वो सियाही ख़त में ज़ाया' करता था

18

Download Image

करवट-करवट घूँट-घूँट भर, स्याह रात गुज़री ऐसे
नींद किसी ने तह कर के, अलमारी में रख दी जैसे

12

Download Image

शब पिघलेगी लम्हा-लम्हा, गहराएगी और सियाही
रौशन रखना यादें सारी, वस्ल बुझे तो हिज्र जलाना

12

Download Image

वो जिस की याद ने जीना मुहाल कर रखा है
उसी की आस ने मुझ को सँभाल कर रखा है

सियाह रातों में साए से बातें करता है
तुम्हारे ग़म ने नया रोग पाल कर रखा है

9

Download Image

अगर मौका मिला तो एक दिन अख़बार देखेंगे
सियाही में है कितनी झूठ की मिक़दार, देखेंगे

8

Download Image

माज़ी इक लंबी सियाह परछाई है
मुस्तकबिल में दूर तलक तन्हाई है

8

Download Image

सियाह रात नहीं लेती नाम ढलने का
यही तो वक़्त है सूरज तिरे निकलने का

66

Download Image

'सयाह' शब्द काले रंग या अंधकार की भावना को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर रहस्य, गहराई और अज्ञात का प्रतीक होता है। यह उदासी या रात की गहन चुप्पी की भावनाओं को जागृत कर सकता है।

कवि 'सयाह' का उपयोग रहस्य और आत्मनिरीक्षण के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह आत्मा की अज्ञात गहराइयों या बिना चाँद की रात की गंभीर सुंदरता का प्रतिनिधित्व कर सकता है।

काव्यिक दुनिया में, 'सयाह' अज्ञात के आकर्षण को समेटे हुए है। यह हमें अंधकार में छिपी सुंदरता को अपनाने के लिए आमंत्रित करता है।