Meaning of

तपस

tapas • تپس

गर्मी; तपिश; उत्साह

heat; warmth; fervor

گرمی; تپش; جوش

Sanskrit

राम को तो राम जी ही जान लें
हों तपस्वी सिर्फ़ वो ही मान लें

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सती सी तपस्या करो तुम
जो चाहत तुम्हें सच हो शिव की

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इक तपस्या ये विविधता ही बनेगी शक्ति अपनी
इक ये परिभाषा बने बस देश भर में भक्ति अपनी

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शबो रोज़ की चाकरी ज़िन्दगी की
मुयस्सर हुईं रोटियाँ दो घड़ी की

नहीं काम आएँ जो इक दिन मशीनें
ज़रूरत बने आदमी आदमी की

कि कल शाम फ़ुरसत में आई उदासी
बता दी मुझे क़ीमतें हर ख़ुशी की

किया क्या अमन जी ने बाइस बरस में
कभी जी लिया तो कभी ख़ुद-कुशी की

ग़मों को ठिकाने लगाते लगाते
घड़ी आ गई आदमी के ग़मी की

ये सारी तपस्या का कारण यही है
मिसालें बनें तो बनें सादगी की

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मुकम्मल जल गया शाद उल्फ़त की तपस में
नहीं आया मगर ये किसी की दस्तरस में

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राम को तो राम जी ही जान लें
हों तपस्वी सिर्फ़ वो ही मान लें

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सती सी तपस्या करो तुम
जो चाहत तुम्हें सच हो शिव की

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अपने मूल अर्थ में, 'तपस' गर्मी या तपिश का विचार प्रस्तुत करता है, जो अक्सर सूर्य या अग्नि से जुड़ा होता है। कविता में, यह शब्द एक गहरी भावना को दर्शाता है, जो जुनून की तीव्रता या भक्ति की गहराई का प्रतीक है। यह एक जलती हुई इच्छा या आत्मा को खा जाने वाली आध्यात्मिक खोज की छवियाँ प्रस्तुत करता है।

कवि अक्सर 'तपस' का उपयोग प्रेम की जलती हुई तीव्रता या आध्यात्मिक लालसा की खपत प्रकृति को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह जीवन की परीक्षाओं की कठोरता को भी दर्शा सकता है, जहाँ आत्मा को अग्नि द्वारा परखा जाता है।

कविता के क्षेत्र में, 'तपस' आत्मा की अग्निमय यात्रा का प्रतीक बन जाता है। यह हृदय की गहरी इच्छाओं को व्यक्त करता है।