Meaning of

तकी़

taqii • تقی

धार्मिक; ईश्वर-भक्त

pious; god-fearing

دیندار; خدا ترس

Arabic

ये सोच के ये दुनिया परेशान हैं 'ग़ालिब'
हिन्दू हैं ईसाई या मुसलमान हैं 'ग़ालिब'

हैं 'मीर तक़ी मीर' 'शजर' जिस्म ग़ज़ल का
इस जिस्म की धड़कन हैं दिल ओ जान हैं 'ग़ालिब'

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मुत्तकी हो गया ख़ौफ़-ए-बीवी से मैं
अब इबादत का सौदा मेरे सर में है

मैं ने दाढ़ी बढ़ाई तो कहने लगी
अब कमीना ये हूरों के चक्कर में है

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ये जौन-ओ-असद मीर-तक़ी-'मीर' की मानिंद
दीवान-ए-शजर रंज-ओ-मसाइब से भरा है

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ये सोच के ये दुनिया परेशान हैं 'ग़ालिब'
हिन्दू हैं ईसाई या मुसलमान हैं 'ग़ालिब'

हैं 'मीर तक़ी मीर' 'शजर' जिस्म ग़ज़ल का
इस जिस्म की धड़कन हैं दिल ओ जान हैं 'ग़ालिब'

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मुत्तकी हो गया ख़ौफ़-ए-बीवी से मैं
अब इबादत का सौदा मेरे सर में है

मैं ने दाढ़ी बढ़ाई तो कहने लगी
अब कमीना ये हूरों के चक्कर में है

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'तकी़' शब्द गहरी आध्यात्मिक भक्ति और श्रद्धा की भावना को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर किसी व्यक्ति की आंतरिक पवित्रता और नैतिक अखंडता को दर्शाता है, जो उनके दिव्य संबंध को उजागर करता है।

कवि अक्सर 'तकी़' का उपयोग उन पात्रों का वर्णन करने के लिए करते हैं जो आध्यात्मिक ज्ञान का प्रतीक होते हैं। यह सांसारिक इच्छाओं के विपरीत है, विश्वास और भक्ति से प्रेरित जीवन को उजागर करता है।

कविता के क्षेत्र में, 'तकी़' आध्यात्मिक पवित्रता का प्रकाशस्तंभ है, जो आत्मा को दिव्य सत्य की ओर ले जाता है।