ये सोच के ये दुनिया परेशान हैं 'ग़ालिब'हिन्दू हैं ईसाई या मुसलमान हैं 'ग़ालिब'हैं 'मीर तक़ी मीर' 'शजर' जिस्म ग़ज़ल काइस जिस्म की धड़कन हैं दिल ओ जान हैं 'ग़ालिब'— Shajar Abbas