Meaning of

तिश्ना-ए-दीद

tishna-e-deed • تشنا دید

दर्शन की प्यास; देखने की लालसा

thirst for sight; longing to see

دید کی پیاس; دیکھنے کی خواہش

Persian

यह वाक्यांश किसी चीज़ या व्यक्ति को देखने की गहरी लालसा को व्यक्त करता है, जो अक्सर एक तीव्र भावनात्मक इच्छा से जुड़ा होता है। कविता में, यह लालसा और दृश्य या आध्यात्मिक संबंध की अपूर्ण खोज के सार को पकड़ता है।

कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग हृदय की बुझी न बुझने वाली प्यास को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह एक ऐसी इच्छा का प्रतीक है जो अधूरी रहती है, एक ऐसा दर्शन जो खोजा जाता है लेकिन प्राप्त नहीं होता।

कविता के क्षेत्र में, 'तिश्ना-ए-दीद' आत्मा की गहरी इच्छाओं को प्रतिबिंबित करने वाला दर्पण बन जाता है।