Meaning of

तुनक

tunak • تنک

चिड़चिड़ा; जल्दी गुस्सा होने वाला

irritable; short-tempered

چڑچڑا; جلد غصہ ہونے والا

Persian

कहूँ क्या हाल तेरी बे-वफ़ाई का
तनिक भी ग़म नहीं मुझ सेे ज़ुदाई का

दिया था माँ ने जो तुझ को बहू कह कर
कहाँ है यार वो कंगन कलाई का

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गुज़िश्ता साल शायद ठीक से मारा नहीं था
ये रावण इस बरस फिर सामने तनकर खड़ा है

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अपना हर तिनका समेटे किस जगह पर जा छुपे
हम तिरी आवाज़ की चिड़ियों से घबराते हुए

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जब अपना दिल ख़ुद ले डूबे औरों पे सहारा कौन करे
कश्ती पे भरोसा जब न रहा तिनकों पे भरोसा कौन करे

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दूर साहिल से कोई शोख़ इशारा भी नहीं
डूबने वाले को तिनके का सहारा भी नहीं

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पानी में गिरा अंगारा था मैं
सब कहते थे बेचारा था मैं

थी जिस तिनके के सहारे दुनिया
उस इक तिनके का सहारा था मैं

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ख़ूब प्यारा किनारा हो सकता है
एक तिनका सहारा हो सकता है

आज ईमान का माने वा'दा है
क़ौल उस के गुज़ारा हो सकता है

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जिस ने कुछ एहसाँ किया इक बोझ सर पर रख दिया
सर से तिनका क्या उतारा सर पे छप्पर रख दिया

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नदी को कोसते हैं सब किसी के डूब जाने पर
नदी में डूबते को पर कोई तिनका नहीं देता

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मत पूछो कैसे निकला तिनका इश्क़ का
आँसू से धोई हम ने आँखें अपनी

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कहूँ क्या हाल तेरी बे-वफ़ाई का
तनिक भी ग़म नहीं मुझ सेे ज़ुदाई का

दिया था माँ ने जो तुझ को बहू कह कर
कहाँ है यार वो कंगन कलाई का

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गुज़िश्ता साल शायद ठीक से मारा नहीं था
ये रावण इस बरस फिर सामने तनकर खड़ा है

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तुनक शब्द एक तीखेपन और संक्षिप्तता का भाव उत्पन्न करता है। यह एक ऐसे व्यक्ति का संकेत देता है जो आसानी से उत्तेजित हो जाता है, जिसकी भावनाएँ जल्दी उभरती हैं, अक्सर चिड़चिड़ाहट या गुस्से के रूप में। कविता में, यह शब्द ऐसी भावनाओं की क्षणभंगुरता को पकड़ता है, उनकी तीव्रता और क्षणिकता को उजागर करता है।

कवि अक्सर 'तुनक' का उपयोग अचानक भावनात्मक विस्फोट के क्षणों या पात्रों का वर्णन करने के लिए करते हैं। यह मानव भावनाओं की अप्रत्याशितता के लिए एक रूपक हो सकता है। यह शब्द शांति और धैर्य के विपरीत है, आंतरिक उथल-पुथल का जीवंत चित्रण प्रस्तुत करता है।

अपनी संक्षिप्तता में, 'तुनक' क्षणभंगुर भावनाओं का सार पकड़ता है। यह हमें शांति और अराजकता के बीच की नाजुक संतुलन की याद दिलाता है।