Meaning of

वाईज

waaiz • واعظ

उपदेशक; नैतिक सलाहकार; चेतावनी देने वाला

preacher; moral advisor; admonisher

واعظ; اخلاقی مشیر; نصیحت کرنے والا

Arabic

ख़ुदा का ज़िक्र है वाइज़ की पारसाई है
अगरचे धूम वहाँ रिंदों ने मचाई है

चला है जोश में मक़्तल की ओर जोशीला
उसी को देख के कितनों को अक़्ल आई है

हवा से लौटेंगे उतरेगा जब नशा सबका
ये कह के रिंद ने मय की हँसी उड़ाई है

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कहाँ मय-ख़ाने का दरवाज़ा 'ग़ालिब' और कहाँ वाइज़
पर इतना जानते हैं कल वो जाता था कि हम निकले

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सदाक़त हो तो दिल सीनों से खिंचने लगते हैं वाइज़
हक़ीक़त ख़ुद को मनवा लेती है मानी नहीं जाती

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सब भले लोग हों तो काम बनेगा कैसे
साक़ी वाइज़ हो तो फिर जाम बनेगा कैसे

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वाइज़ों बख़्श दो हमें कुछ तो
दर्द होने लगा है सर में अब

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वाइज़ भी इक निग़ाह से मदहोश हो गए
सादा दिली का आप की ऐसा नशा हुआ

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बस मुझे इक बार मय-ख़ाने हो के आने दे वाइज़
देख फिर किस की नसीहत पुख़्ता रहती है ज़ियादा

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ख़ुदा का ज़िक्र है वाइज़ की पारसाई है
अगरचे धूम वहाँ रिंदों ने मचाई है

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तुम्हारी इन नशीली आँखों से जाम-ए-अदम पी कर
हमें डर है ज़माने के ये वाइज़ मर नहीं जाएँ

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ख़ुदा का ज़िक्र है वाइज़ की पारसाई है
अगरचे धूम वहाँ रिंदों ने मचाई है

चला है जोश में मक़्तल की ओर जोशीला
उसी को देख के कितनों को अक़्ल आई है

हवा से लौटेंगे उतरेगा जब नशा सबका
ये कह के रिंद ने मय की हँसी उड़ाई है

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कहाँ मय-ख़ाने का दरवाज़ा 'ग़ालिब' और कहाँ वाइज़
पर इतना जानते हैं कल वो जाता था कि हम निकले

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'वाईज' शब्द एक गंभीर व्यक्ति की छवि प्रस्तुत करता है, जो समाज में नैतिक दिशा का प्रतीक होता है। कविता में, यह केवल उपदेशक नहीं, बल्कि अंतरात्मा का प्रतीक है, जो सही और गलत के बीच के संवाद को दर्शाता है।

कवि अक्सर 'वाईज' का उपयोग आंतरिक नैतिक संघर्ष और बाहरी क्रियाओं के बीच विरोधाभास दिखाने के लिए करते हैं। यह विवेक की आवाज़ या सामाजिक अपेक्षाओं के बोझ का प्रतीक हो सकता है।

कविता में, 'वाईज' मानव स्वभाव की द्वैतता को दर्शाने वाला दर्पण बन जाता है।