Winning submission

गँवाते हुए सोचता हूँ मैं ये
गया वक़्त फिर हाथ आता नहीं

Krishnakant Kabk

481 days ago

Rules and winning criteria

All entries

गया वक़्त फिर हाथ आता नहीं
यहीं बात ग़म में सुकूँ दे मुझे

Savan

481 days ago

न बर्बाद इसको करो इस तरह
गया वक़्त फिर हाथ आता नहीं

SAAGAR SINGH RAJPUT

481 days ago

गया वक़्त फिर हाथ आता नहीं
समझ ले अगर ख़ुश रहे आदमी

SAAGAR SINGH RAJPUT

481 days ago

गया वक़्त फिर हाथ आता नहीं
अगर जानता मैं गँवाता नहीं

SAAGAR SINGH RAJPUT

481 days ago

गया वक़्त फिर हाथ आता नहीं
करो वक़्त रहते कदर वक़्त की

Jaiveer Sahu

481 days ago

गया वक़्त हाथ आता नहीं
उसे प्यार करना आता नहीं

Mahmood munja

481 days ago

मेरा हुनर उसके काम आता नहीं
गया वक़्त फिर हाथ आता नहीं

Nishant Gupta

481 days ago

गँवाते हुए सोचता हूँ मैं ये
गया वक़्त फिर हाथ आता नहीं

Krishnakant Kabk

481 days ago

किस दरीचे की याद में जिंदा है अब तक
गया वक्त फिर हाथ आता नहीं

Nishant Gupta

481 days ago

किस दरीचे की याद में जिंदा है अब तक
गया वक्त फिर हाथ आता नहीं

Nishant Gupta

481 days ago

मैं इतना बुरा साथ आता नहीं

Subham saral cp

481 days ago

अपने आप पे अब मै इतराता नहीं
गया वक़्त फिर हाथ आता नहीं
वो कहती है क्यों चूमते हो तुम मेरे हाथों को
मोहतरमा
ऐसे वेसो को तो मै हाथ भी लगाता नहीं

Bhavesh Suryavanshi

481 days ago

वफ़ा की उमीदें न रख वक़्त से
गया वक़्त फिर हाथ आता नहीं

Abdulla Asif

481 days ago

गया वक़्त फिर हाथ आता नहीं,
हर लम्हा ज़िंदगी का ख़रीदा जाता नहीं

Sachin Sharma

481 days ago

ये फिर से किसी को सजाता नहीं
गया वक़्त फिर हाथ आता नहीं
Sanjay Bhat

Sanjay Bhat

481 days ago

ये फिर से कभी मुस्कुराता नहीं
गया वक़्त फिर हाथ आता नहीं
Sanjay Bhat

Sanjay Bhat

481 days ago

गया वक़्त जो वालिदैन के साए
गया वक़्त फिर हाथ आता नहीं

Bilal Official

481 days ago

बीता वक़्त जो वालदैन के साए
गया वक़्त फिर हाथ आता नहीं

Bilal Official

481 days ago

वफ़ा ये किसी से निभाता नहीं
गया वक़्त फिर हाथ आता नहीं

Sarvjeet Singh

481 days ago

गया वक़्त फिर हाथ आता नहीं
हमारी ही ख़ातिर ठहर जाओ तुम

Najib Murad

482 days ago


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