Anurag Pandey

Anurag Pandey

@Anurag_Pandey

Anurag Pandey shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Anurag Pandey's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
  • Nazm
हम जैसों के ख़ातिर कंधे नइँ होते
हम जैसे रोते हैं लेकिन काग़ज़ पर
Anurag Pandey
उदासी छोड़ो थोड़ा मुस्कुराओ
हुई क्या बात है मुझको बताओ

तुम्हें भी इश्क़ का ग़म खा रहा तो
लबों से चाय की प्याली लगाओ
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Anurag Pandey
ज़रूरी है हमेशा बात करना
मेरी मौजूदगी काफ़ी नहीं है
Anurag Pandey
बेबसी का इक किनारा
और फिर मैं मन का मारा

रोज़ मुझसे पूछती है
हो गया नाटक तुम्हारा
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Anurag Pandey
उस लड़की के साथ मोहब्बत का मतलब
अपना अच्छा दोस्त गँवाने जैसा है
Anurag Pandey
गुम सुम रहती है हरदम तक़दीर नहीं मिल पाती है
पर्स नहीं मिल पाए तो तस्वीर नहीं मिल पाती है

ऐरे ग़ैरे तो मुझसे हर रोज़ यहाँ मिल जाते हैं
जिससे दिल मिल जाता है वो हीर नहीं मिल पाती है
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Anurag Pandey
कहाँ तक दूरियाँ चलती रहेंगी
गले कब बाप से बेटे मिलेंगे

अकेलेपन की आदत रखने वाले
किसी दिन पंखे पे लटके मिलेंगे
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Anurag Pandey
जो मुद्दत से नहीं सो पा रहे हैं
वो आँखें ख़्वाब में तैरा रहे हैं

तुम्हारी याद आने का सबब है
हमारे बाल झड़ते जा रहे हैं
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Anurag Pandey
इक वस्ल अपने दरमियाँ आया नहीं कभी
इक हिज्र जिसपे दर्द का साया नहीं हुआ
Anurag Pandey
हमारे दोस्त अब तक जो रहे हैं
हमेशा दिल में अपने वो रहे हैं

नहीं क़िस्मत में जिनके लोरियाँ अब,
वो लड़के शाइरी से सो रहे हैं
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Anurag Pandey
मुक़ाबिल फ़ासलों से ही मोहब्बत डूब जाएगी
सुनोगी झूठी बातें तुम हक़ीक़त डूब जाएगी

चलेगी तब तलक जब तक तिरी परछाईं देखेगी
तिरा जब हुस्न देखेगी सियासत डूब जाएगी
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Anurag Pandey
ये मुमकिन है नहीं ख़ातिर अयन के
कोई कान्हा अब अपना प्यार छोड़े
Anurag Pandey
जुल्फ़ खोलेगी हवा चलने लगेगी साथ में
सादगी से फूल को शैतान कर के मानेगी
Anurag Pandey
जिन्हें शाइरी में छुपाया गया है,
उन्हें महफ़िलों में बुलाया गया है

मुनासिब नहीं था लगाना जहाँ पर,
वहाँ पर निशाना लगाया गया है
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Anurag Pandey
जब कभी भी यार की बातें करेंगे
सच में सब अच्छे हैं तुम सोचा करोगी
Anurag Pandey
हमको बस आवाज़ लगानी होती है
पीछे मुड़ना काम तुम्हारा रहता है
Anurag Pandey
जाकर बैठ गई है लड़की कोने में एक
उसका मन है उसकी शादी और कहीं हो
Anurag Pandey
फिरोगे दिलों को मिलेगा न कोई
अगर बस चलेगा बसोगे नहीं तुम
Anurag Pandey
सच कहें तो वो कहानी बीच में दम तोड़ देगी
जिस कहानी को सभी किरदार छोड़े जा रहे हैं
Anurag Pandey
किनारा बनाकर किनारे पे ठहरो
नदी जब बहेगी किनारे बहेंगे
Anurag Pandey

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