Jatin shukla

Top 10 of Jatin shukla

    तू हुस्ना हुस्न को महफ़ूज़ रखना
    मैं आशिक़ हूँ नज़र से चूम लूँगा
    Jatin shukla
    1 Like
    तुम्हारी कॉल आए या न आए
    तुम्हारी याद तो आती रहेगी
    Jatin shukla
    2 Likes
    दो झुके नयनों ने जो दिनभर किया संवाद लेकर
    मैं अयोध्या लौट आया लखनऊ से याद लेकर

    तीन झुमका चार बोसा पाँच झप्पी आठ कंगन
    रख दिया है पर्स में पूरा अमीनाबाद लेकर
    Read Full
    Jatin shukla
    5 Likes
    आज उसने कहा कॉल करके मुझे
    छोड़ सिगरेट दो तुम अभी के अभी
    Jatin shukla
    3 Likes
    बहुत ग़ुस्से भरा लहजा तुम्हारा
    मगर मीठा लगा बोसा तुम्हारा

    गुलाबी गाल, बिंदी, और काजल
    चमकता चाँद सा मुखड़ा तुम्हारा

    बड़ी हलचल मची बारातियों में
    अचानक देख कर ठुमका तुम्हारा

    हमारी शेरवानी जँच रही तो
    क़यामत ढा रहा लहँगा तुम्हारा

    किसी के पास तो महफ़ूज़ होगा
    बरेली में गिरा झुमका तुम्हारा
    Read Full
    Jatin shukla
    3 Likes
    मात्र पचपन-साठ ही घर हैं हमारे गाँव में
    हाँ मगर ऊँचे कई सर हैं हमारे गाँव में

    खेतिहर उनमें ज़ियादा और अपनी फ़ौज के
    नौ सिपाही पाँच अफ़सर हैं हमारे गाँव में
    Read Full
    Jatin shukla
    10 Likes
    मोहब्बत मत करो इतनी मुझे तुम
    यही कह, फ़ोन पर रोती रही वो
    Jatin shukla
    3 Likes
    मटकती चाल मतवाली हमारी जान ले लेगी
    छनकती कान की बाली हमारी जान ले लेगी

    छुपा कर चाँद सा मुखड़ा करो तुम हुस्न पर्दे में
    नहीं तो होंठ की लाली हमारी जान ले लेगी
    Read Full
    Jatin shukla
    3 Likes
    तुम्हारा इश्क़ साहब कागज़ी है
    तभी हर बात पे नाराज़गी है

    भला मेहबूब किसका रूठता है
    अगर रूठा तो समझो दिल्लगी है
    Read Full
    Jatin shukla
    10 Likes
    हसीन लड़की से दिल लगाना भी इक ख़ता है मुझे पता है
    अगर सज़ा में मिले क़ज़ा तो अलग मज़ा है मुझे पता है
    Jatin shukla
    26 Likes

Top 10 of Similar Writers