तुम ने उस के हाथों में फूलों को देखा
    और मैंने फूलों के हाथों में उस को
    Mohsin Ahmad Khan
    5 Likes
    उम्र ज़ाया की जिस को पाने में
    रफ़्ता रफ़्ता उसे भुलाना है
    Mohsin Ahmad Khan
    2 Likes
    चाँद को देखना तेरी आदत
    सो तुझे देखना मेरी आदत
    Mohsin Ahmad Khan
    2 Likes
    तुम को मर जाने की तमन्ना थी
    जाओ तुम को दी ज़िंदगी हम ने
    Mohsin Ahmad Khan
    2 Likes
    तेरे भेजे वो सारे ख़त
    जला कर पढ़ रहा हूँ मैं
    Mohsin Ahmad Khan
    3 Likes
    में जिसे चाहता हूँ कई साल से
    इक वही शख़्स मुझ को नहीं जानता
    Mohsin Ahmad Khan
    10 Likes
    हम जिसे देखते रहते थे उम्र भर
    काश वो इक नज़र देखता हम को भी
    Mohsin Ahmad Khan
    4 Likes
    जान हो तो ये भी जान लो
    तुम मेरी कुछ नहीं, मान लो
    Mohsin Ahmad Khan
    2 Likes
    आप को तो चलो मौत ही आएगी
    मुझ को तो हैं इशारे ही काफ़ी सदा
    Mohsin Ahmad Khan
    2 Likes
    है दर पर कोई, देख लो, देख लो तुम?
    कहाँ जा रहे हो, कहाँ गुम हो तुम भी
    Mohsin Ahmad Khan
    2 Likes

Top 10 of Similar Writers