Mohsin Ahmad Khan

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Mohsin Ahmad Khan shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Mohsin Ahmad Khan's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal

ये मिसरा तेरी मेरी उस मोहब्बत की वज़ाहत है
तुझे मुझ से मोहब्बत थी मुझे तुझ से मोहब्बत है

Mohsin Ahmad Khan

ये सारा जहाँ एक तस्बीह सा है
वो जब चाहता है इसे फेरता है

Mohsin Ahmad Khan

हसद तो फूलों को आया होगा
वो जब ज़रा मुसकुराया होगा

Mohsin Ahmad Khan

आ गए? आइये! बैठिये!
आप आख़िर थे तो थे कहाँ

Mohsin Ahmad Khan

तुम ने उस के हाथों में फूलों को देखा
और मैंने फूलों के हाथों में उस को

Mohsin Ahmad Khan

दिल के कूँचे को आबाद कर
भूले से, पर मुझे याद कर

Mohsin Ahmad Khan

पास आ, आज़मा, दूर जा, छोड़ जा
जा चुका, मान जा, भूल जा, छोड़ जा

Mohsin Ahmad Khan

उम्र ज़ाया की जिस को पाने में
रफ़्ता रफ़्ता उसे भुलाना है

Mohsin Ahmad Khan

चाँद को देखना तेरी आदत
सो तुझे देखना मेरी आदत

Mohsin Ahmad Khan

तुम को मर जाने की तमन्ना थी
जाओ तुम को दी ज़िंदगी हम ने

Mohsin Ahmad Khan

तेरे भेजे वो सारे ख़त
जला कर पढ़ रहा हूँ मैं

Mohsin Ahmad Khan

में जिसे चाहता हूँ कई साल से
इक वही शख़्स मुझ को नहीं जानता

Mohsin Ahmad Khan
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हम जिसे देखते रहते थे उम्र भर
काश वो इक नज़र देखता हम को भी

Mohsin Ahmad Khan

जान हो तो ये भी जान लो
तुम मेरी कुछ नहीं, मान लो

Mohsin Ahmad Khan

ग़लत था या सही था वो
मगर अपना कभी था वो

Mohsin Ahmad Khan

हम-नवाई इस जहाँ की
यकसाँ तन्हाई ही तो है

कोई कितना हो करीबी
साथ परछाई ही तो है

Mohsin Ahmad Khan

वो जो उसकी आँखें हैं
मुसलसल किताबें हैं

Mohsin Ahmad Khan

आप को तो चलो मौत ही आएगी
मुझ को तो हैं इशारे ही काफ़ी सदा

Mohsin Ahmad Khan

है दर पर कोई, देख लो, देख लो तुम?
कहाँ जा रहे हो, कहाँ गुम हो तुम भी

Mohsin Ahmad Khan

साल हैं घट रहे ज़िन्दगी के मगर
हम मुसलसल जनमदिन मनाएँ तो क्या

Mohsin Ahmad Khan
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