Prashant Prakhar

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@PPrakhar

Prashant Prakhar shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Prashant Prakhar's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
जतन भी देखे शिकस्तगी भी सुकून पाया ज़फ़र जो देखा
नए परिंदों के पंख देखे हुआ अचंभा हुनर जो देखा
Prashant Prakhar
मुझे नहीं था कभी भी लेकिन ख़ुदा पे उस दिन हुआ भरोसा
दुआ की अगली घड़ी ही मैंने दुआ का थोड़ा असर जो देखा
Prashant Prakhar
देखिए तो भुखमरी ये और गंदी बस्तियाँ भी
देश की हालत वही आईं गईं सरकार कितनी
Prashant Prakhar
वो जो शबों में रौशनी था क्या हुआ
जो शख़्स तेरी ज़िंदगी था क्या हुआ

इक राह-रौ ने राह बदली ख़ैरियत
अच्छा भला जो अजनबी था क्या हुआ
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Prashant Prakhar
हम कहाँ थे रूबरू ढलती हुई इस उम्र से
हम न जाने छोड़ आए ज़िंदगी किस राह में
Prashant Prakhar
फटकारती हैं रोज़ मेरी माँ मुझे
ठहरा निकम्मा मैं सुधरता ही नहीं
Prashant Prakhar
यूँ उदासी बिछड़ कर गई
सिसकियाँ राह तकती रही
Prashant Prakhar