Shiva awasthi

Top 10 of Shiva awasthi

    चंद ख़्वाबों की हाथा-पाई में
    नींद कल गिर गई थी बिस्तर से
    Shiva awasthi
    4 Likes
    एक टॉफ़ी, चार चूड़ी, एक बिंदी, चंद फूल
    और कुछ इससे अधिक माँगा हो तुमसे तो कहो
    Shiva awasthi
    3 Likes
    अभी परवान पर है रात शायर
    करो कुछ देर मुझ से बात शायर

    हमारी देह ख़ुद में शायरी है
    तुझे हम दे रहे हैं मात शायर
    Read Full
    Shiva awasthi
    3 Likes
    कहीं पर दिल किसी का जल रहा है
    कहीं सिगरेट जलाई जा रही है
    Shiva awasthi
    4 Likes
    शायर से ज्यादा पागल हैं
    शौक़-ए- शायरी रखने वाले
    Shiva awasthi
    3 Likes
    सुनो ! ख़ुदा ने तुम्हें बनाकर
    अपना ही नुकसान किया है
    Shiva awasthi
    3 Likes
    फलाँ लड़की फलाँ इंसाँ या आदमी की तरह
    मैंने बनना नहीं चाहा कभी किसी की तरह
    Shiva awasthi
    2 Likes
    जिसको उसका दामन खुशियों से भरना था
    वही सबब है उसके ग़म का अजीब है ना
    Shiva awasthi
    4 Likes
    तकल्लुफ़ छोड़कर आओ उसे फिर से जिया जाए
    हमारा बचपना जो एल्बमों में क़ैद रहता है
    Shiva awasthi
    3 Likes
    सूरज, चाँद, सितारे सारे फीके हैं
    माँ की आँखें, आख़िर माँ की आँखें हैं
    Shiva awasthi
    4 Likes

Top 10 of Similar Writers