Shiva awasthi

Shiva awasthi

@Shiva_awasthi

Shiva awasthi shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Shiva awasthi's shayari and don't forget to save your favorite ones.

Followers

7

Content

71

Likes

168

Shayari
Audios
  • Sher
ये किस का अक्स है हर सू समाया
छुपा है कौन मेरी पुतलियों में
Shiva awasthi
पहन शाखों में बाइज़्जत हमारी आँख की सुर्ख़ी
तुम्हारी राह तकता है हमारी राह का सेमल
Shiva awasthi
जाना आधी उम्र बिताकर
मुझे ख़ुशी से डर लगता है
Shiva awasthi
मुझको तो अच्छे लगते हैं
दुविधा पीर उदासी आँसू
Shiva awasthi
मैं ख़ुद पर भी हँस लेती हूँ
देख चुकी हूँ इतना रोकर
Shiva awasthi
रोती हूॅं तो साथ साथ में बजते हैं
वो पायल में ऐसे घुॅंघरू बाॅंध गया
Shiva awasthi
जितनी चहल पहल दोपहरी उतनी ख़ाली ख़ाली शाम
सुरसा जैसी तन्हाई ने लो फिर मेरी खा ली शाम
Shiva awasthi
प्यार यक़ीनन निकला होगा सागर को मथने ही से
वरना खारे ऑंसू पीकर कौन सा पौधा बढ़ता है
Shiva awasthi
तुम भी दूर नहीं कर सकते
अब तुमको खो देने का दुख
Shiva awasthi
ज़िंदगी में व्यस्त हूँ मैं आजकल कुछ इस तरह से
साँस तक लेने में ज़ाया हो रहा है वक्त मेरा
Shiva awasthi
कोई जो आएगा तो फिर समेट ही लेंगे
अभी तो ख़ुद को बिखेरे हुए हैं कमरे में
Shiva awasthi
चलो इक मर्सिया तुमको सिखा दूँ
हमारी क़ब्र पर कुछ तो पढ़ोगे
Shiva awasthi
किस तरह कैसे बताते हाल-ए-दिल अपना किसी से
रात भर करते रहे अपनी शिकायत आप ही से
Shiva awasthi
रिश्ता हुआ तमाम तो पगली अना परस्त
लौटा गई है तोहफ़े के कुंडल उतार के
Shiva awasthi
वो तो काँधे पर सिर रखकर लौट गई
पर गेसू अब भी मफ़लर से लिपटे हैं
Shiva awasthi
पगलाए से बच्चे की तरह ढूँढ रही हूँ
वो हाथ जो मेले में मुझे छोड़ गया है
Shiva awasthi
गले से यूँ मुझे लगाओ कभी,
कि मेरी पसलियाँ चटख जाएँ
Shiva awasthi
नीले लाल निशाँ हैं सारे वरक़ों पर
रात किताबों से पागल ने प्यार किया
Shiva awasthi
कल मेले में हँस कर मुझसे एक खिलौने वाला बोला
सब के बच्चे खेलेंगे तो मेरे बच्चे खा पाएँगे
Shiva awasthi
किसी की आँख का बोसा लिया था,
गुलाबी होंठ काले हो गए हैं
Shiva awasthi

LOAD MORE