Parwez Akhtar

Top 10 of Parwez Akhtar

    दर्द को गिनता रहता हूं शब ओ रोज़
    मुद्दतों बाद कोई काम मिला है मुझको
    Parwez Akhtar
    1 Like
    दिल अब उदास भी नहीं न बेकरार है
    बस ख़ाक में ही मिलने का इंतजार है

    जिसके सहारे हयात ए ज़िन्दगी का लुत्फ था
    वो ग़म भी आजकल किसी पे उधार है
    Read Full
    Parwez Akhtar
    3 Likes
    मुझे तो बस सफ़र से इश्क़ है
    मंज़िलें तो मुसाफ़िरों की होती है
    Parwez Akhtar
    10 Likes
    हर एक बात पे तेरा रूठ जाना
    ये इशारा है कि तू मेरा है
    Parwez Akhtar
    0 Likes
    इक नज़ाकत से मुझे उसने पागल बोला
    जब मैंने चूम लिया प्यार से उसके लब को
    Parwez Akhtar
    71 Likes
    मैं इतना आशिक़ मिज़ाज हो गया हूं
    की नफ़रत से मोहब्बत हो गई है
    Parwez Akhtar
    9 Likes
    उस शख़्स की बस एक बात अच्छी है
    कोई भी वक़्त हो याद बहुत आता है

    हम टूट ही गए होते अगर नहीं रोते
    अच्छा है, ग़म कोई काम तो आता है
    Read Full
    Parwez Akhtar
    2 Likes
    अब मुझे कोई गिला नहीं है तुम भी मेरे हो वो भी मेरा
    सभी से अपना वास्ता है सभी से अपनी दुश्मनी है
    Parwez Akhtar
    0 Likes
    दीदार हुआ उनका इक मुद्दत बाद
    उन्हें हम देख के बच्चों सा मुस्कुराने लगे
    Parwez Akhtar
    7 Likes
    ख़्याल-ए-हिज्र से डर जाते हैं हम अक्सर
    और घबरा के तेरे लब को चूम लेते हैं
    Parwez Akhtar
    17 Likes

Top 10 of Similar Writers