Arbab Shaz

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@arbabkasukhan

Arbab Shaz shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Arbab Shaz's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
अंजाम में होगी जीत हथियार बदलने से
इंसान बदलता है किरदार बदलने से
Arbab Shaz
चलो कि वक़्त है महफ़िल से लौट जाने का
हयात ख़त्म हुई शाम हो गया अरबाब
Arbab Shaz
तुम्हारी याद ने मजबूर कर दिया वर्ना
तुम्हारा ज़िक्र न होता न हम यहाँ आते
Arbab Shaz
जी करे फूल से ख़ुशबू के मआनी पूछूँ
बाग़ में जाऊँ तो दरबान नज़र आता है
Arbab Shaz
ऐ दोस्त मिरे इश्क़ का अंदाज़ अलग है
उस ताज से क्या लेना कि मुमताज़ अलग है
Arbab Shaz
सौ अक्स अगर देखने का शौक़ है 'अरबाब'
शीशे की तरह आप बिखर क्यूँ नहीं जाते
Arbab Shaz
सोच कर जिस को दिल धड़कता है
दिल की आवाज़ वो सुनी ही नहीं
Arbab Shaz
चंद लम्हात की ख़ुशी के लिए
लोग मरते हैं ज़िंदगी के लिए

ख़ुद को बर्बाद इश्क़ में करना
हमने सीखा नहीं किसी के लिए
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Arbab Shaz
अजीब शय से मिरी ज़िंदगी सलामत है
न ग़म बचा है न कोई ख़ुशी सलामत है

ख़ुदा का नाम लिए जल रहा था तो देखा
इन आँधियों में मिरी रौशनी सलामत है
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Arbab Shaz
जिन्हें भूलना है उन्हीं का असर है
यही तो मोहब्बत का लंबा सफ़र है

अना को कहीं दूर जा के बहा दो
मिली जो हमें ज़िंदगी मुख़्तसर है
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Arbab Shaz
ख़ुशी से कुछ न मिला अब उदास रहने दो
मैं थक गया हूँ ग़मों के ही पास रहने दो

शराब पी के नशा क्यूँ ख़राब करना है
मुझे उन आँखों का दीदार पास रहने दो
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Arbab Shaz
सोचते हुए मिरी हयात कट गई
इल्म जब हुआ तो देखा रात कट गई
Arbab Shaz
उस ने बचा के मुझ से नज़र ख़ुद-कुशी की है
मुझ से ही बेवफ़ाई मिरी ज़िंदगी की है
Arbab Shaz
देते नहीं वो कहने कहना तो चाहता हूँ
आँखों से अश्क बन के बहना तो चाहता हूँ
Arbab Shaz
ख़्वाहिश बहुत है जा के लग जाऊँगा गले से
बरसों से ज़ीस्त मुझ को आवाज़ दे रही है
Arbab Shaz
मिरी ज़िंदगी तू किधर गई कि तिरा पता नहीं मिल रहा
मुझे तेरे साथ ही चलना है कोई रास्ता नहीं मिल रहा
Arbab Shaz
हिस्से में आया हिज्र तो फ़न में उलझ गए
ज़ाया न कर के वक़्त सुख़न में उलझ गए
Arbab Shaz
इस राह-ए-ज़िंदगी में वक़्त-ए-सफ़र से पहले
है मशवरा ज़रूरी अहल-ए-नज़र से पहले
Arbab Shaz
गुलाब हाथ में देकर मैं ख़ार माँगूँगा
कुछ ऐसे ही मेरे हिस्से का प्यार माँगूँगा
Arbab Shaz
हर मोड़ पे दुनिया में ज़रा चलना सँभल कर
शैतान यहाँ घूमते हैं भेस बदल कर
Arbab Shaz

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