हिन्दी
0
हिन्दी
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Leaderboard
Login
0
Home
Explore
Submit
Library
Profile
Top 10 of
Binte Reshma
SHER
नज़र चुरा के कहा बस यही मुक़द्दर था
बिछड़ने वाले ने मलबा ख़ुदा पे डाल दिया
Binte Reshma
10
SHER
किसी बाज़ार से जो मिल जाता
अपना बचपन ख़रीद लाते फिर
Binte Reshma
9
SHER
कौन देगा सुकून आँखों को
किस को देखें कि नींद आ जाए
Binte Reshma
8
SHER
हार जाने पे लोग कहते हैं
कौन झगड़ा करे मुक़द्दर से
Binte Reshma
7
SHER
ये दर्द के टुकड़े हैँ अश'आर नहीं अज़रा
हम लफ़्ज़ों के धागों में ज़ख़्मों को पिरोते हैँ
Binte Reshma
6
SHER
तुझ को पाकर भी कुछ नहीं पाया
तेरे हो के भी बे-सहारे हैं
Binte Reshma
5
SHER
अब लग चुकी है दर्द के मौसम की लत मुझे
अब देर हो चुकी है बहुत रोक मत मुझे
Binte Reshma
4
SHER
तुम मेरे ज़ेहन से उतर जाओ
मैं तुम्हें उम्र भर दुआ दूँगी
Binte Reshma
3
SHER
एक साया है घने पेड़ का मेरे सर पर
एक आँचल से मुझे ठंडी हवा आती है
Binte Reshma
2
SHER
तुम सेे सौदा हुआ था लम्हों का
तुम ने सदियाँ उदास कर डालीं
Binte Reshma
1
Jaypratap chauhan
Mukesh Jha
Kuldeep Tripathi KD
Tanha
Kavi Bhimsen Singh Ujjwal
Wajid Husain Sahil
Arman Habib
Rohit Asthana Prabhav
Prashant Kumar
Neeraj Naveed