Dushyant Kumar

Top 10 of Dushyant Kumar

    मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही
    हो कहीं भी आग लेकिन आग जलनी चाहिए
    Dushyant Kumar
    52 Likes
    इस नदी की धार में ठंडी हवा आती तो है
    नाव जर्जर ही सही, लहरों से टकराती तो है
    Dushyant Kumar
    75 Likes
    एक आदत सी बन गई है तू
    और आदत कभी नहीं जाती
    Dushyant Kumar
    44 Likes
    रहनुमाओं की अदाओं पे फ़िदा है दुनिया
    इस बहकती हुई दुनिया को सँभालो यारो
    Dushyant Kumar
    34 Likes
    मुझमें रहते हैं करोड़ों लोग चुप कैसे रहूँ
    हर ग़ज़ल अब सल्तनत के नाम एक बयान है
    Dushyant Kumar
    39 Likes
    कैसे आकाश में सूराख़ नहीं हो सकता
    एक पत्थर तो तबीअ'त से उछालो यारो
    Dushyant Kumar
    90 Likes
    जाने किस किस का ख़याल आया है
    इस समुंदर में उबाल आया है

    एक बच्चा था हवा का झोंका
    साफ़ पानी को खंगाल आया है
    Read Full
    Dushyant Kumar
    33 Likes
    न हो क़मीज़ तो घुटनों से पेट ढक लेंगे
    ये लोग कितने मुनासिब हैं इस सफ़र के लिये
    Dushyant Kumar
    33 Likes
    इस नदी की धार में ठंडी हवा आती तो है
    नाव जर्जर ही सही, लहरों से टकराती तो है
    Dushyant Kumar
    33 Likes
    हिम्मत से सच कहो तो बुरा मानते हैं लोग
    रो-रो के बात कहने की आदत नहीं रही
    Dushyant Kumar
    68 Likes

Top 10 of Similar Writers