Fazil Ansari

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@fazil-ansari

Fazil Ansari shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Fazil Ansari's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

ज़िक्र-ए-ज़ुल्फ़-ए-यार रहने दो अभी मसअला है ज़ीस्त का उलझा हुआ — Fazil Ansari
अब कहीं जा के मेरे जिस्म ने राहत पाई रूह निकली कि खटकता हुआ काँटा निकला — Fazil Ansari
मुझ पर ब-तौर-ए-ख़ास थी उस की निगाह-ए-लुत्फ़ कहता मैं किस तरह मेरे दुश्मन में कुछ न था — Fazil Ansari

Ghazal

ज़ुल्मतें बाँटता हर सम्त उजाला निकला शाम की तरह उमीदों का सवेरा निकला आफ़तों से न मिली जादा-ए-हस्ती में नजात जब हटाया कोई पत्थर तो लुटेरा निकला हमला-ज़न मुझ पे हुआ मौज की शमशीर लिए आज दरिया भी मेरे ख़ून का प्यासा निकला हम-सफ़र मुझ से बुरे वक़्त की रूदाद न पूछ आँच देता हुआ हर पेड़ का साया निकला दूर तक कोई सदा थी न कहीं कोई निशाँ अपने फैलाओ में खोया हुआ सहरा निकला क़त्ल कर के मुझे दी उस ने हयात-ए-जावेद मेरा क़ातिल तो मिरे हक़ में मसीहा निकला अब कहीं जा के मेरे जिस्म ने राहत पाई रूह निकली कि खटकता हुआ काँटा निकला तुम तो कहते थे ग़म-ए-'इश्क़ ने मारा है उसे और 'फ़ाज़िल' तो हलाक-ए-ग़म-ए-दुनिया निकला — Fazil Ansari