Gyan Prakash Akul

Gyan Prakash Akul

@gyan-prakash-akul

Gyan Prakash Akul shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Gyan Prakash Akul's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

चाँदी सोना एक तरफ़ तेरा होना एक तरफ़ एक तरफ़ तेरी आँखें जादू टोना एक तरफ़ — Gyan Prakash Akul

Nazm

उस दिन हमें अलग होना था उस दिन उस के सारे आँसू गंगा जल में बदल रहे थे उस दिन उस के होंठ गुलाबी नीलकमल में बदल रहे थे उस दिन आँखों के सपने काले बादल में बदल रहे थे उस दिन हम दोनों के निर्णय अंतिम पल में बदल रहे थे उस दिन कुछ पाने की आशा नहीं मगर सब कुछ खोना था उस दिन हमें अलग होना था उस दिन उस की दो आँखों में अनबोये बबूल उग आए उस दिन आँखें पछतातीं थीं क्यूँ सपने फिजूल उग आए उस दिन दोनों के चेहरों पर चारों तरफ़ शूल उग आए उस दिन जहाँ गिरे थे आँसू फौरन वहाँ फूल उग आए उस दिन पता चला था हम को फूल नहीं आँसू बोना था उस दिन हमें अलग होना था उस दिन दोनों हर दुविधा को कर स्वीकार लिपट कर रोए उस दिन दोनों जग से छुप कर नदिया पार लिपट कर रोए उस दिन हर-पल ख़ुश रहने वाले त्योहार लिपट कर रोए उस दिन दोनों पहले पहले अंतिम बार लिपट कर रोए उस दिन की यादों को सारे जीवन दोनों को ढोना था उस दिन हमें अलग होना था — Gyan Prakash Akul