Hasan Najmi Sikandarpuri

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Hasan Najmi Sikandarpuri shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Hasan Najmi Sikandarpuri's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

हम को इस की क्या ख़बर गुलशन का गुलशन जल गया हम तो अपना सिर्फ़ अपना आशियाँ देखा किए — Hasan Najmi Sikandarpuri

Ghazal

हर ज़ख़्म-ए-दिल से अंजुमन-आराई माँग लो फिर शहर-ए-पुर-हुजूम से तन्हाई माँग लो मौसम का ज़ुल्म सहते हैं किस ख़ामुशी के साथ तुम पत्थरों से तर्ज़-ए-शकेबाई माँग लो हुस्न-ए-तअल्लुक़ात की जो यादगार थे माज़ी से ऐसे लम्हों की रा'नाई माँग लो माँगो समुंदरों से न साहिल की भीक तुम हाँ फ़िक्र-ओ-फ़न के वास्ते गहराई माँग लो समझो उन्हें जो देते हैं ये मशवरा तुम्हें नर्गिस से हाथ जोड़ के बीनाई माँग लो वो सो के ज्यूँँ ही उट्ठें पहुँच जाओ उन के पास और उन से इंक़लाब की अँगड़ाई माँग लो 'नजमी' सुना है तुम पे भी मौसम है मेहरबाँ बाद-ए-सुमूम से कभी पुर्वाई माँग लो — Hasan Najmi Sikandarpuri
आइने से न डरो अपना सरापा देखो वक़्त भी एक मुसव्विर है तमाशा देखो कर लो बावर कोई लाया है अजाइब-घर से जब किसी जिस्म पे हँसता हुआ चेहरा देखो चाहिए पानी तो लफ़्ज़ों को निचोड़ो वर्ना ख़ुश्क हो जाएगा अफ़्कार का पौदा देखो शहर की भीड़ में शामिल है अकेलापन भी आज हर ज़ेहन है तन्हाई का मारा देखो वो जो इक हसरत-ए-बे-नाम का सौदाई है उस को पत्थर ने बड़ी दूर से ताका देखो हद से बढ़ने की सज़ा देती है फ़ितरत सब को शाम को कितना बढ़ा करता है साया देखो अब तो सर फोड़ के मरना भी है मुश्किल 'नजमी' हाए इस दौर में पत्थर भी है महँगा देखो — Hasan Najmi Sikandarpuri