Kanval Ziai

Kanval Ziai

@kanval-ziai

Kanval Ziai shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Kanval Ziai's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

हमारा ख़ून का रिश्ता है सरहदों का नहीं हमारे ख़ून में गँगा भी चनाब भी है — Kanval Ziai

Ghazal

परख फ़ज़ा की हवा का जिसे हिसाब भी है वो शख़्स साहब-ए-फ़न भी है कामयाब भी है जो रूप आई को अच्छा लगे वो अपना लें हमारी शख़्सियत काँटा भी है गुलाब भी है हमारा ख़ून का रिश्ता है सरहदों का नहीं हमारे ख़ून में गंगा भी है चनाब भी है हमारा दौर अँधेरों का दौर है लेकिन हमारे दौर की मुट्ठी में आफ़्ताब भी है किसी ग़रीब की रोटी पे अपना नाम न लिख किसी ग़रीब की रोटी में इंक़िलाब भी है मिरा सवाल कोई आम सा सवाल नहीं मिरा सवाल तिरी बात का जवाब भी है इसी ज़मीन पर हैं आख़िरी क़दम अपने इसी ज़मीन में बोया हुआ शबाब भी है — Kanval Ziai