Kausar Siwani

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@kausar-siwani

Kausar Siwani shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Kausar Siwani's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

मैं तो क़ाबिल न था उन के दीदार के उन की चौखट पे मेरी ख़ता ले गई — Kausar Siwani

Ghazal

सुला कर तेज़ धारों को किनारो तुम न सो जाना रवानी ज़िंदगानी है तो धारो तुम न सो जाना मुझे तुम को सुनानी है मुकम्मल दास्ताँ अपनी अधूरी दास्ताँ सुन कर सितारो तुम न सो जाना तुम्हारे दायरे में ज़िंदगी महफ़ूज़ रहती है निज़ाम-ए-बज़्म-ए-हस्ती के हिसारो तुम न सो जाना तुम्हीं से जागता है दिल में एहसास-ए-रवा-दारी क़याम-ए-रब्त-ए-बाहम के सहारो तुम न सो जाना अगर नींद आ गई तुम को तो चश्में सूख जाएँगे कभी ग़फ़लत में पड़ कर कोहसारो तुम न सो जाना तुम्हीं से बहर-ए-हस्ती में रवाँ है कश्ती-ए-हस्ती अगर साहिल भी सो जाएँ तो धारो तुम न सो जाना सदा-ए-दर्द की ख़ातिर तुम्हें 'कौसर' ने छेड़ा है शिकस्ता-साज़ के बेदार तारो तुम न सो जाना — Kausar Siwani