Makhdoom Mohiuddin

Makhdoom Mohiuddin

@makhdoom-mohiuddin

Hyderabad· India

Makhdoom Mohiuddin shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Makhdoom Mohiuddin's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

अब किसे है दिमाग़-ए-तोहमत-ए-इश्क़ कौन सुनता है बात फूलों की — Makhdoom Mohiuddin
आप की याद आती रही रात भर चश्म-ए-नम मुस्कुराती रही रात भर — Makhdoom Mohiuddin
हम ने हँस हँस के तेरी बज़्म में ऐ पैकर-ए-नाज़ कितनी आहों को छुपाया है तुझे क्या मालूम — Makhdoom Mohiuddin
रात भर दर्द की शम्अ' जलती रही ग़म की लौ थरथराती रही रात भर — Makhdoom Mohiuddin

Ghazal

Nazm

कहो हिन्दोस्ताँ की जय कहो हिन्दोस्ताँ की जय क़सम है ख़ून से सींचे हुए रंगीं गुलिस्ताँ की क़सम है ख़ून-ए-दहक़ाँ की क़सम ख़ून-ए-शहीदाँ की ये मुमकिन है कि दुनिया के समुंदर ख़ुश्क हो जाएँ ये मुमकिन है कि दरिया बहते बहते थक के सो जाएँ जलाना छोड़ दें दोज़ख़ के अंगारे ये मुमकिन है रवानी तर्क कर दें बर्क़ के धारे ये मुमकिन है ज़मीन-ए-पाक अब नापाकियों को ढो नहीं सकती वतन की शम्-ए-आज़ादी कभी गुल हो नहीं सकती कहो हिन्दोस्ताँ की जय कहो हिन्दोस्ताँ की जय वो हिन्दी नौजवाँ या'नी अलम-बरदार-ए-आज़ादी वतन की पासबाँ वो तेग़-ए-जौहर-दार-ए-आज़ादी वो पाकीज़ा शरारा बिजलियों ने जिस को धोया है वो अँगारा कि जिस में ज़ीस्त ने ख़ुद को समोया है वो शम्-ए-ज़िंदगानी आँधियों ने जिस को पाला है इक ऐसी नाव तूफ़ानों ने ख़ुद जिस को सँभाला है वो ठोकर जिस से गीती लर्ज़ा-बर-अंदाम रहती है वो धारा जिस के सीने पर अमल की नाव बहती है छुपी ख़ामोश आहें शोर-ए-महशर बन के निकली हैं दबी चिंगारियाँ ख़ुर्शीद-ए-ख़ावर बन के निकली हैं बदल दी नौजवान-ए-हिन्द ने तक़दीर ज़िंदाँ की मुजाहिद की नज़र से कट गई ज़ंजीर ज़िंदाँ की कहो हिन्दोस्ताँ की जय कहो हिन्दोस्ताँ की जय कहो हिन्दोस्ताँ की जय...... — Makhdoom Mohiuddin