Maqsood Wafa

Maqsood Wafa

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Maqsood Wafa shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Maqsood Wafa's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

उस ने दुनिया से भी बढ़कर इसे बर्बाद किया काम सौंपा था जिसे दिल की निगहबानी का — Maqsood Wafa
दिल तरसता है जिसे मिलने को 'मक़सूद वफ़ा' मिल भी जाए तो परेशानी बहुत होती है — Maqsood Wafa
हिक्मत की बात क्या हो तमाशागरों के बीच उन से कलाम क्या जिन्हें हद्द-ए-अदब नहीं — Maqsood Wafa

Ghazal

अब कोई राह भी आसान नहीं देखने में देखते रहते हैं और ध्यान नहीं देखने में कितनी वीरान नज़र आती है ता-हद्द-ए-नज़र यही दुनिया कि जो वीरान नहीं देखने में ख़ाली तन्हाई ख़ज़ानों से भरी रहती है और यहाँ कोई भी सामान नहीं देखने में इन दिनों फ़ुर्सत-ए-ता'बीर कहाँ मुमकिन है इन दिनों ख़्वाब भी आसान नहीं देखने में वैसे तो हिज्र में उस को भी नहीं कोई मलाल वैसे तो मैं भी परेशान नहीं देखने में सारे कमरों में कोई रेत उड़ाती है मुझे ये मिरा घर कि बयाबान नहीं देखने में इक नज़र सू-ए-मलामत भी अगर देखा करें मैं समझता हूँ कि नुक़सान नहीं देखने में उस जगह भी कोई इम्कान निकल आता है जिस जगह कोई भी इम्कान नहीं देखने में इतना हैरान रहा हूँ तो बना हूँ ऐसा मैं वो इक शख़्स कि हैरान नहीं देखने में — Maqsood Wafa