Muzaffar Warsi

Muzaffar Warsi

@muzaffar-warsi

Muzaffar Warsi shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Muzaffar Warsi's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

हर शख़्स पर किया न करो इतना ए'तिमाद हर साया-दार शय को शजर मत कहा करो — Muzaffar Warsi
कुछ न कहने से भी छिन जाता है एजाज़-ए-सुख़न ज़ुल्म सहने से भी ज़ालिम की मदद होती है — Muzaffar Warsi
वतन की रेत ज़रा एड़ियाँ रगड़ने दे मुझे यक़ीं है कि पानी यहीं से निकलेगा — Muzaffar Warsi
ज़िंदगी तुझ से हर इक साँस पे समझौता करूँँ शौक़ जीने का है मुझ को मगर इतना भी नहीं — Muzaffar Warsi

Ghazal

क्या भला मुझ को परखने का नतीजा निकला ज़ख़्म-ए-दिल आप की नज़रों से भी गहरा निकला तिश्नगी जम गई पत्थर की तरह होंटों पर डूब कर भी तिरे दरिया से मैं प्यासा निकला जब कभी तुझ को पुकारा मिरी तन्हाई ने बू उड़ी फूल से तस्वीर से साया निकला कोई मिलता है तो अब अपना पता पूछता हूँ मैं तिरी खोज में तुझ से भी परे जा निकला मुझ से छुपता ही रहा तू मुझे आँखें दे कर मैं ही पर्दा था उठा मैं तो तमाशा निकला तोड़ कर देख लिया आईना-ए-दिल तू ने तेरी सूरत के सिवा और बता क्या निकला नज़र आया था सर-ए-बाम 'मुज़फ़्फ़र' कोई पहुँचा दीवार के नज़दीक तो साया निकला — Muzaffar Warsi

Nazm